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चार साल पहले आई मशीनें, अब तक पैक

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लि अस्पताल स्थित एनसीडी क्लिनिक में रखे उपकरण।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। सरकारी अस्पताल स्थित एनसीडी क्लिीनिक में मशीनों के चार साल से पैक पड़े रहने से लोगों को जांच बाहर करानी पड़ रही है। मरीज डॉक्टर से परामर्श के बाद जांच कराने बाहर जा रहे हैं। उधर, अस्पताल प्रशासन जहां मशीनों को डिब्बों से बाहर नहीं सका है तो वहीं तैनात कर्मचारियों के लापता हो जाने पर उनपर लगाम भी नहीं कस पा रहा है। 100 बेड के जिला अस्पताल परिसर में ही गैर संचारी बीमारियों (नॉन कम्यूनिकेबल डिजिज) के लिए 2016 से एनसीडी क्लीनिक का संचालन हो रहा है। क्लीनिक में पहुंचने वाले मरीजों की केवल शुगर की जांच की जा रही है, जबकि यहां ईसीजी, मोटापा, हाइपरटेंशन सहित दूसरी बीमारियों की जांच की सुविधा के लिए मशीनें उपलब्ध है। लेकिन बड़े कक्ष के अभाव में बायो कैमेस्ट्री एनेलाइजर, सेल काउंटर, इलेक्ट्रानिक आईवी आदि मशीन बीते चार साल से अधिक समय से डिब्बे में बंद है। जबकि नियमानुसार गैर संचारी बीमारियों की जांच एनसीडी क्लिनिक में होनी चाहिए। मरीज जब यहां जांच कराने पहुंचते तो कर्मचारी उन्हें मशीन इंस्ट्राल न होने की बात कहकर वापस लौटा देते हैं। इतना ही नहीं वर्षो से यहां कोई फिजीशियन न होने से भी मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं। उधर, बंद पड़ी मशीनों की जानकारी अस्पताल प्रबंधन के साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी तक के संज्ञान में है, बावजूद इसको लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएन दुबे ने ऐसे किसी मामले के प्रति अनभिज्ञता जताई। कहा कि इस बारे में वह नोडल अधिकारी तथा जिला अस्पताल प्रबंधन से जानकारी लेंगे। यदि वास्तव में ऐसा है तो समस्या का समाधान किया जाएगा। बायो कैमेस्ट्री एनेलाइजर मशीन से ब्लड शुगर, ब्लड यूरिया, कोलेस्ट्राल, ट्राइग्रिसराइज, पीलिया सहित दूसरे रोगों की जांच होती है। सेल कांउटर मशीन से हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट, टोटल कांउट सहित दूसरी जांच होती है।
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