मऊ। जिले में कुल नौ ब्लाक प्रमुख पदों में से पांच पर कमल खिल गया है। तीन पदों पर निर्दलीय कब्जा जमाने में कामयाब हो गए। जबकि एक सीट पर सपा का कब्जा हो गया। दोहरीघाट और बड़राव ब्लाक प्रमुख सीट पर बागियों ने ही भाजपा का खेल बिगाड़ दिया।
एमएलसी यशवंत सिंह के प्रभाव वाली रानीपुर अनुसूचित जाति महिला के लिए सुरक्षित सीट पर भाजपा प्रत्याशी सोनी राज एक मात्र नामांकन करने वाली प्रत्याशी रहीं। इसलिए उनका निर्विरोध निर्वाचन हो गया। इसके बाद कोपागंज ब्लाक प्रमुख पद से सपा प्रत्याशी राम करन चौहान ने सपा नेताओं को चकमा देकर नामांकन वापस ले लिया। इस प्रकार यहां भी भाजपा प्रत्याशी डा. जय प्रकाश निषाद का निर्विरोध निर्वाचन हो गया। इस प्रकार भाजपा के दो प्रत्याशियों के निर्वाचन से दो पदों पर मतदान से पहले ही भाजपा का कब्जा हो गया था।
शनिवार को हुए मतदान में रतनपुरा में पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित पद पर भाजपा की सरिता राजभर को विजय मिली। जबकि महिला के लिए आरक्षित फतेहपुर मंडाव सीट पर भाजपा प्रत्याशी मीनू सिंह चुनी गईं। मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक प्रमख पद पर भाजपा प्रत्याशी रानू सिंह विजई हुईं। इस प्रकार कोपागंज और रानीपुर में भाजपा प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत हुई जबकि फतेहपुर मंडाव, रतनपुरा और मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक प्रमुख पदों पर मतदान के बाद भाजपा को जीत हासिल हुई। जबकि घोसी ब्लाक प्रमुख पद के भाजपा प्रत्याशी विवेकानंद यादव के नामांकन पत्र वापस ले लेने से सपा के डा. रामकृष्ण यादव निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
इस प्रकार नामांकन वापसी के राजनीतिक खेल में कोपागंज में भाजपा ने सपा को पटखनी दे दी तो यही खेल सपा ने घोसी में दोहरा दिया। सपा की रणनीति से भाजपा घोसी में गच्चा खा गई और घोसी की सीट सपा की झोली में चली गई। इसी प्रकार नामांकन के एक दिन पहले सपा छोड़कर भाजपा का दाम थामने वाले प्रदीप राय उर्फ राजू को भाजपा ने दोहरीघाट से प्रत्याशी नहीं बनाया तो वे बागी हो गए। राजू अपनी व्यक्तिगत साख की बदौलत दोहरीघाट ब्लाक प्रमुख की सीट दूसरी बार भी अपने कब्जे में रख पाने में कामयाब हो गए। कुछ ऐसा खेल बड़रांव ब्लाक प्रमुख पद पर भी हो गया। यहां सालों से भाजपा नेत्री पूजा मिश्रा क्षेत्र में प्रमुखी चुनाव की तैयारियों में लगी रहीं लेकिन भाजपा की ओर से पूर्व जिलाध्यक्ष और सदैव से पार्टी के प्रति समर्पित नेता दुर्ग विजय राय की पत्नी वंदना राय को प्रत्याशी बना दिया। यहां भी भाजपा का दांव उल्टा पड़ गया और वंदना राय को पराजय का सामना करना पड़ा। इस प्रकार दोहरीघाट और बड़रांव ब्लाक पर भाजपा प्रत्याशियों की हार हो गई और बागियों ने भाजपा का खेल बिगाड़ दिया।
हमलों में घायल होने के बाद भी नहीं मिली सहानुभूति
मऊ। मतदान की पूर्व संध्या वाली रात में भाजपा प्रत्याशी वंदना राय के रिश्ते में देवर और पूर्व जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय के फुफेरे भाई संतोष राय पर बदमाशों ने हमला कर घायल कर दिया। उधर उसी रात दोहरीघाट के भाजपा प्रत्याशी पेम शंकर राय पर भी बदमाशों ने फायर करके घायल कर दिया था। लेकिन इन दोनों भाजपा प्रत्याशियों को इन हमलों पर भी सहानुभूति का लाभ नहीं मिल सका और इनके विरोधियों की जीत हो गई।