दोहरीघाट में समुदाय संचालित सम्पूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के छ: दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समरोह को संबोधित करते जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव।
ग्रामीण इलाकों में लोगों को शौचालयों के प्रयोग के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासन कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रहा है। यह कर्मचारी गांवों में लोगों को शौचालय प्रयोग की उपयोगिता बताने के साथ ही नहीं प्रयोग से होने वाली हानियों को बताएंगे। आर्थिक रूप से समृद्ध लोगों से स्वयं का शौचालय निर्माण करवाने के लिए कहा जाएगा। जबकि गरीब लोगों को शौचालय निर्माण के लिए सहायता दी जाएगी।
विकास खंड दोहरीघाट के ग्राम्य विकास संस्थान में शुक्रवार को समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के छ: दिवसीय प्रशिक्षण के समापन समारोह को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनपद के सभी नौ विकास खंडों में पहले चरण में आठ गांव सरवां, कंधेरी, दौलतपुर, नवली, वकराबाद को स्वच्छ करने का लक्ष्य है। इस दौरान यह निर्धारित होगा कि इस गांव का कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं करता है।
इसके लिए जनपद में सभी विकास खंडों के कुछ चिह्नित कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है। ये प्रशिक्षित टोली बनाकर सभी गांवों के लोगों को प्रशिक्षण देेंगे। ये लोगों को बताएंगे कि खुले में शौच करने से क्या हानियां हैं। इसलिए सक्षम लोग खुद शौचालय बनवायें एवं पात्र लोगों को जिला प्रशासन सहयोग कर शौचालय बनवाएगा। इस मौके पर सभी आठों गांवों के ग्राम प्रधान एवं अन्य लोगों को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया ।
डीएम ने गांव में जल्द शौचालय बनवाने के निर्देश दिये गये। मुख्य विकास अधिकारी जीके त्यागी ने भी स्वच्छता के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी, उप निदेशक डॉ. आशुतोष मिश्र एवं गैर जनपदों से आयी टीमों के सदस्य उपस्थित रहे। उधर प्रशिक्षण में सम्मिलित होने वाले कुल 48 ग्रामीण थे। इस प्रशिक्षण सत्र में कुल 90 प्रतिभागियों ने आठ समूहों में स्वच्छता के विविध पहलुओं पर अभ्यास किया। ये प्रशिक्षणार्थी विकास खंडों के बारह गांवों में जाकर ग्रामीणों से खुले में शौच न करवाने का प्रण करवाया ।