ब्राह्मण विकास परिषद के तत्वावधान में एक मैरिज हाॅल में रविवार को भगवान परशुराम जयंती मनाई गई। इस अवसर पर भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि मधुबन विधानसभा के पूर्व विधायक उमेश चंद्र पांडेय ने कहा कि भगवान परशुराम त्याग, तपस्या और न्याय के प्रतीक थे। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज से एकजुट होकर शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
ब्राह्मण विकास परिषद के संरक्षक डॉ. एससी तिवारी, संरक्षक रामजी उपाध्याय, विजय शंकर त्रिपाठी, ब्राह्मण विकास परिषद के अध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया। आयोजक संजीव द्विवेदी और सत्य प्रकाश उपाध्याय ने स्वागत किया।
मधुबन तहसील क्षेत्र के बहादुरपुर स्थित मंसाराम ब्रह्म बाबा सभागार में भगवान परशुराम की जयंती मनाई गई। यहां लोगों ने जय परशुराम के उद्घोष के साथ समाज के उत्थान और एकजुटता का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि सुभासपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष पांडेय ने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा से मार्गदर्शक की भूमिका में रहा है, लेकिन वर्तमान समय में उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर टीएन मिश्रा, मयंक पांडेय, अमित मिश्रा, आशीष तिवारी आदि शामिल थे। कुसुम्हा में बीएसएस परशुराम सेना की ओर से कुसुम्हा के उपाध्याय पूरा में भगवान परशुराम जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्रह्मदेव उपाध्याय ने किया। कहा कि ब्राह्मण समाज को एकजुट होकर राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। ब्राह्मण समाज की जागरूकता और एकता से ही राष्ट्र की दिशा और दशा में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। समाज को एकजुट रहने तथा धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए प्रेरित किया।इस दौरान पवन उपाध्याय, धीरज उपाध्याय, धीरज दुबे, प्रवीण उपाध्याय, सौरव उपाध्याय, शौर्य उपाध्याय आदि शामिल थे। दोहरीघाट कस्बा सहित क्षेेत्र के विभिन्न इलाकों में भगवान परशुराम जयंती का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान परशुराम के आदर्शो को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।