मऊ। स्वरोजगार के लिए बेरोजगारों को 10 लाख तक का ऋण मिलेगा। इसकी जानकारी जारी प्रेस विज्ञप्ति में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने दी।
बताया कि खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2025-26 में ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग स्थापना के लिए शिक्षित उद्यमियों, बेरोजगारों, आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त उद्यमियों, परंपरागत कारीगरों को गांव में रोजगार उपलब्ध कराने का प्राविधान है।
बताया कि जिसकी उम्र 18 वर्ष से 50 वर्ष तक है, वे अपना आवेदन पत्र ऑनलाइन कर सकते हैं। बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत सामान्य पुरुष को पूंजीगत ऋण पर 4 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग (महिलाए, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अल्पसंख्यक, विकलांग एवं भूतपूर्व सैनिकों) को पूंजीगत ऋण पर बिना ब्याज के ऋण दिए जाने का प्राविधान है। इसके तहत 10 लाख तक ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। बताया कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रोजेक्ट कास्ट का 10 प्रतिशत एवं आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान लगाना होगा। बताया कि एक जनपद एक उत्पाद वस्त्रोद्योग जैसे साड़ी, लूंगी, गमछा आदि उद्योग लगाने वाले को उद्यमियों को विशेष वरीयता दी जाएगी। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति 15 नवंबर तक cmegp.data-center.com.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र ऑनलाइन ही स्वीकार किया जाएगा।