बृहस्पतिवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरे खिल गए। सुबह से ही किसान खेती-किसानी में लग गए।
मौसम अनुकूल होने से धान की रोपाई में भी तेजी देखने को मिली। अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। बारिश से नगर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगरपालिका प्रशासन की ओर से जमा पानी की निकासी की जाती देखी गई। कई दिनों से गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं धान की रोपाई के लिए किसान भी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
बृहस्पतिवार को दोपहर से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला। कहीं हल्की तो कहीं झमाझम बारिश हुई। रुक-रुक कर बारिश होती रही। आकाश में घने बादल छाए रहे। धूप न निकलने से मौसम सुहावना रहा।
बारिश होने से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं धान की रोपाई में भी तेजी देखने को मिली। तापमान पर नजर डालें तो बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
आर्द्रता 81 प्रतिशत रही, जबकि पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम अनुकूल देख किसान सुबह से ही धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने में लगे रहे।
किसान जयनाथ यादव, शिवप्रकाश सिंह, रविंद्र मौर्य और संजीव सिंह का कहना था कि बारिश होने से मुरझा रही धान की फसल को संजीवनी मिलेगी।
बारिश से नगर के निजामुद्दीनपुरा, भीटी, जीवन राम इंटर कॉलेज छात्रावास परिसर, मुंशीपुरा, पावरहाउस कॉलोनी, रघुनाथपुरा और महरनिया सहित निचले इलाकों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा था। नगरपालिका के कर्मचारी जमा पानी की निकासी करते देखे गए।