मऊ। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने नाबालिग लड़की को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में नामजद दो आरोपियों में सुनवाई के बाद एक को दोषी पाया। जिसे आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल 65 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। एक आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को 19 दिसंबर 14 को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगाने के बाद आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर शाहजहांपुर जनपद के वंडा थाना क्षेत्र के ररूवा गांव निवासी नरेश गौतम पुत्र नोखेलाल और एक नाबालिग आरोपी पर एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल छह गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी नरेश गौतम को नाबालिग को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी पाया। जिसके बाद उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 65 अर्थदंड लगाया। एक आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली अलग कर किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी।