मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक रामराज ने सोमवार को पत्नी की हत्या में आरोपी पति को दोषी पाया था। मंगलवार को कोर्ट ने दोषी पति सूर्यप्रकाश चौहान को आजीवन कारावास के साथ बीस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर पचास प्रतिशत धनराशि मृतका के माता पिता को अदा करने का आदेश दिया।
मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार सुरहुरपुर गांव निवासी वादी मुकदमा प्रेमचंद चौहान की पुत्री ममता की शादी 2016 में चालिसवा निवासी आरोपी सूर्यप्रकाश चौहान के साथ हुई थी। प्रेमचंद का आरोप था कि उसकी पुत्री ममता को दहेज के लिए ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। इस दौरान 26 सितंबर 2017 को उसकी पुत्री को ससुराल वाले मार डाले। पीड़ित ने दर्ज मामले में ससुर रामाश्रय, सास कमली और पति सूर्यप्रकाश को आरोपी किया था। पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजी सी राणा प्रताप सिंह व अधिवक्ता बालेंदुभूषण सिंह ने कुल आठ गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण सास कमली और ससुर रामाश्रय को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। वहीं आरोपी पति सूर्य प्रकाश चौहान को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही बीस हजार रुपये जुर्माना लगाया।