अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने जमीन के विवाद को लेकर गत पांच वर्ष पूर्व हुई धर्मदेव और झकरी की हत्या के मामले में नामजद छह आरोपियों में सुनवाई के बाद पांच को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल 42-42 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड नहीं देने पर 5-5 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 90 फीसदी धनराशि मृतकों के निकटतम परिवारजन को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया। आरोपी शारदा मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के चकबिलायत गांव निवासी इंद्रदेव शर्मा पुत्र स्व. मुन्नी शर्मा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन था कि 22 जून 2017 को बैनामा शुदा जमीन में नींव खुदवाने के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर खडीचा गांव निवासी आरोपीगण सुमन पत्नी राम विशेन, मीरा पुत्री धारा, धारा पुत्र स्व. छागुर, अग्रसेन पुत्र धारा, मनीष उर्फ गुलशन पुत्र धारा और शारदा ने मिलकर लाठी डंडा राड से वादी के पिता झकरी और धर्मदेव की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह व एडीजी फौजदारी नंदलाल भारती तथा अधिवक्ता दयाशंकर राय ने कुल नौ गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। कोर्ट साक्षी के रूप में पैरवीकार कमलेश कुमार का बयान दर्ज हुआ। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण सुमन, मीरा, धारा, अग्रसेन और मनीष को हत्या, बलवा और धमकी के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 40 - 40 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वही बलवा के मामले में 2 -2 वर्ष की सजा के साथ ही 5 -5 सौ रूपये अर्थदंड तथा उपद्रव करने के मामले में 3-3 वर्ष की सजा के साथ ही 1-1 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं धमकी देने के मामले में 2-2 वर्ष की सजा के साथही 5-5 सौ रूपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर 5 -5 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 90 प्रतिशत धनराशि मृतकों के निकटतम परिजनों को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया। दौरान विचारण अभियुक्त शारदा देवी की मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।