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Mau News: मऊ में किसान की गोली मारकर हत्या

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सरायलखंसी थानाक्षेत्र के पखईपुर गांव में मछली पालन की पुरानी रंजिश में सोमवार की रात नौ बजे किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही एसपी अविनाश पांडेय ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। गांव में पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई। किसान के भाई की तहरीर पर सात नामजद और एक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर लिया। सरायलखंसी थानाक्षेत्र के पखईपुर गांव निवासी अभिमन्यु सिंह (28) पुत्र महातम सिंह सोमवार की रात करीब नौ बजे बिजली आने पर खेत में पानी भरने गया था। 11 बजे तक जब वापस नहीं आया तो परिवार के लोग उसे खोजते हुए ट्यूबवेल पर गए। वहां खून से लथपथ उसका शव मिला। अभिमन्यु के सीने में गोली लगी थी। सूचना पाकर पुलिस फोर्स पहुंच गई। अभिमन्यु के भाई संतोष की तहरीर पर मुख्य आरोपी अरविंद सिंह, ग्राम प्रधान संगीता सिंह, अनिल सिंह, सीमा सिंह, सूरज सिंह, अखंड सिंह और ओमप्रकाश सिंह पर नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। मामले में कुशमौर मोड़ के पास से अरविंद सिंह को पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, उसने बताया कि यही पिस्टल उसने अनिल, गोलू तथा अखंड को हत्या करने के लिए दी थी। आरोपी की निशानदेही पर उसकी भाभी सीमा तथा पत्नी संगीता सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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तालाब में मछली पालन करने पर शुरू हुआ था विवाद
मऊ/बढुआगोदाम। इससे पहले इसी परिवार के दो लोगों की हत्या हो चुकी है। पहली हत्या विजय बहादुर सिंह की हुई थी। किसी समय आरोपी अरविंद सिंह और विजय बहादुर सिंह जिगरी दोस्त हुआ करते थे। विजय सिंह ने ग्राम समाज की पोखरी पर मछली पालन किया था। इसका अरविंद सिंह ने विरोध किया। इस मामले में दोनों में विवाद हुआ और दिनदहाड़े विजय बहादुर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में परिवार के प्रमोद सिंह गवाह थे। उनकी गांव स्थित चट्टी पर गल्ले की दुकान थी। दुकान पर ही सुबह दस बजे के करीब बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर उनकी भी हत्या कर दी थी।



मारपीट के बाद विवाद का था अंदेशा
मऊ/बढुआगोदाम। होली के दिन पीड़ित परिवार से अरविंद सिंह की मारपीट हुई थी। इसमें अरविंद सिंह को काफी चोटें आई थी। इलाज के बाद वह बच गया था। इस मामले में अरविंद सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से लोग किसी घटना की आशंका जता रहे थे। घटना में नामजद मुख्य आरोपी अरविंद सिंह के खिलाफ हत्या के कई मामले दर्ज हैं। वह लेखपाल हत्याकांड में भी आरोपी है। पखईपुर गांव में विजय बहादुर सिंह और प्रमोद सिंह के हत्या के बाद गांव में शांति के लिए चार साल तक पुलिस पीएसी के जवानों की तैनाती की गई थी।
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