मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार चौरसिया की अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अर्थदंड की आधी धनराशि वादिनी को देने का आदेश दिया। अभियोजन के अनुसार दोहरीघाट थाना क्षेत्र के लोकौली गांव में रहने वाली संपत्तिया पत्नी नारायन यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। वादिनी के अनुसार वह घर बनाकर मधुबन थाना क्षेत्र के हैबतपुर गांव में रहती हैं। आजमगढ़ जनपद के महाराजगंज थाना क्षेत्र के हमीरपुर गांव निवासी विनोद यादव पुत्र सतिराम यादव ने उन पर मोलनापुर गांव में स्थित मकान का बैनामा कराने के लिए दबाव दे रहा था। इसी बात को लेकर 30 सितंबर 18 को आरोपी ने उस पर और उनके पति नारायन यादव पर चाकू से हमला कर दिया था। हमले में नारायन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान 1 अक्टूबर 18 को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय ने 12 गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी विनोद यादव को हत्या और हत्या के प्रयास का दोषी करार दिया। शुक्रवार को अदालत ने विनोद यादव को हत्या के मामले में सश्रम आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, हत्या के प्रयास के मामले में 10 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहींं, अर्थदंड की आधी धनराशि वादिनी को देने का आदेश दिया।