बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सूरज सिंह उर्फ बिट्टू को छेड़छाड़ और हत्या का प्रयास का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद हत्या के प्रयास के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 20 हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया।