छह सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के लेखपालों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सात दिवसीय कार्य बहिष्कार कर लेखपाल पूर्ण हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दौरान लेखपालों ने सभी तरह के कार्यों का बहिष्कार किया। कलेक्ट्रेट पर आयोजित विरोध सभा में लेखपालों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। चेताया कि यदि उनकी मांगों से संबंधित शासनादेश नहीं जारी किया गया आंदोलन को निर्णायक परिणाम तक ले जाया जाएगा।
कलेक्ट्रेट पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष पारसनाथ पासी ने एसीपी विसंगति , पदनाम , राजस्व निरीक्षक शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, वेतनमान 5200- 20 000 और ग्रेड पे 2800 करने की मांग को लंबित रखने को सरकार का कर्मचारी विरोधी कृत्य बताया।
कहा कि सरकार को लेखपाल संवर्ग का काडर पूर्व की नीति जनपद स्तरीय करते स्थानांतरण नीति में संशोधन करने ,पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक की तैनाती और राजस्व परिषद के द्यारा चार अप्रैल 2016 को जारी राजस्व निरीक्षक के 626 पदों का सृजन करने तथा लेखपालों को लैपटाप देने की मांगों कोस्वीकर करते हुए सरकार को शासनादेश जारी करना चाहिए।