जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ के तत्वाधान में बुधवार को जजौली स्थित एक विद्यालय में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इसमें वक्ताओं ने लोक अदालतों की महत्ता को बताते हुए कहा कि लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से ही ग्रामीण अदालतों का गठन किया गया गया है।
इस दौरान मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तेज प्रताप तिवारी ने मधुबन के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि अदालतों में मुकदमों के बोझ को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय के निर्दश पर ग्रामीण अदालतों का गठन किया गया है।
कहा कि लोगों को अपने अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों का बोध होना जरूरी है। ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे अपने आसपास के लोगों को परेशानी हो। अगर इन सब चीजों का ध्यान रखेंगे तो अनावश्यक विवाद नहीं होगा।
कहा कि न्याय देना बहुत ही जटिल प्रक्रिया है। इसलिये हमारी सोच है कि हम कानून और न्याय को किताबों में नहीं गांव के लोगों तक पहुंचाये तभी मिशन सफल होगा।
न्यायिक मजिस्ट्रेट अचल कुमार सिंह ने कहा कि आज देश में सबके पास एक हथियार है आर टी आई। इसके तहत सूचना माँगकर आप कम समय में न्याय के भागीदार बन सकते है। उन्होंने भ्रूण हत्या रोके जाने व लिंग परीक्षण न कराए जाने की सलाह देते हुए कहा कि कानूनन अपराध है।
कहा कि दहेज लेना और देना दोनों अपराध की श्रेणी में आता है। जागरूकता के अभाव में यह रुक नहीं रहा है जो चिंता का विषय है। एसडीएम दयाशंकर पाठक ने कहा कि हमारा प्रयास शासन से मिलने वाली सुविधाओं को शत प्रतिशत लाभार्थी तक पहुंचा दे। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा ने किया।
इस मौके पर ग्रामप्रधान हरिमोहन मल्ल, अनिल मिश्र, कोतवाल हवलदार यादव, समाजसेवी लवकुश विश्वकर्मा, राकेश आदि लोग उपस्थित रहे। उधर तहसील मुहम्मदाबाद गोहना के प्रांगण में भी अपराह्न विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कर आम लोगों को विधिक जानकारी व शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बाबत जानकारी दी गई। इस मौके पर एसडीएम डा. आरडी पांडेय, तहसीलदार अनिल कुमार यादव, नायब तहसीलदार दिनेश कुमार, रामू यादव, संजय मिश्रा, दयानंद सिंह, अलीइमदाद जैदी, राजकुमार पासवान आदि लोग मौजूद रहे।