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वकीलों ने सड़क जाम कर विरोध जताया

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मंडलायुक्त के आदेश के विरोध में शुक्रवार को नगर के कलेक्ट्रेट मोड़ पर नेशनल हाईवे 29 गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी करते अधिवक्ता। - फोटो : mau
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मंडलायुक्त के आदेश से नाराज वकीलों ने शुक्रवार को चक्का जाम कर विरोध जताया। न्यायिक कार्य से विरत रहे और नारेबाजी की। सभा कर आदेश्र को वापस लेने को कहा। इस दौरान सीएम को संबोधित ज्ञापन भी सीआरओ को सौंपा। मंडलायुक्त आजमगढ़ ने एक आदेश 11 मई 2018 को राजस्व न्यायालयों को भेजा है। जिसमें अधिवक्ता  हड़ताल पर है तो मामले के पक्षकारों को सुनकर उनका निस्तारण करने की बात कही है। इसी आदेश को अधिवक्ताओं ने अवैधानिक बताते हुए वापस लेने की मांग किया है। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन,  डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन, और तहसील सदर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अगल-अलग बैठक कर पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। बैठक के बाद तीनों संगठनों के अधिवक्ता दीवानी कचहरी के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए। वहां से मंडलायुक्त के विरुद्व नारेबाजी करते हुए बुनकर कालोनी के सामने पहुंचकर राष्ट्रीय राज्य मार्ग जाम कर दिया।  
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सूचना पर वहां फोर्स पहुंच गई। कडी धूप में आधे घंटे तक सड़क जामकर मंडलायुक्त के विरुद्व जमकर नारेबाजी की गई और आदेश वापस लेने की मांग किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया तो मंडलायुक्त के तबादले तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। मौके पर पहुंचे मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज यादव को अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौपा। इस दौरान सिविल कोर्ट सेंट्रल बार के अध्यक्ष विजयबहादुर पाल, संजय त्रिपाठी , चंद्रशेखर उपाध्याय, रितेश कुमार श्रीवास्तव,  सुभाष सिंह, शिवनरायन राय, अजय कुमार सिंह, अजीतलाल श्रीवास्तव, बालमुकुन्द सिंह, हरेंद्र यादव, ईश्वरचंद त्रिपाठी, अजय सिंह, अरविंद तिवारी, अनिल राय, अतुल राय, मानसिंह यादव, रुद्रा मिश्रा, अमरनाथ सिंह, गोपालरायन राय, पूर्व महामंत्री सूर्यनाथ यादव,  अश्वनी सिंह, विपिन सिंह सहित कई अधिवक्ता शामिल रहे।  
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