बार कौंसिल के आह्वान पर जिले के विभिन्न अधिवक्ता संगठनों से जुड़े वकील मंगलवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। उन्होंने मांगों को लेकर न्यायालय परिसर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन व नारेबाजी की।
विरोध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका। मांगों के बाबत अधिवक्ता 23 मार्च को विधानसभा का घेराव करेंगे।
बजट में घोषणा के बाद भी अधिवक्ता कल्याण निधि के 40 करोड़ रुपए नहीं मिलने पर मंगलवार को दीवानी कचहरी के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
पुस्तकालय भवन से सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लालजी पांडेय और महामंत्री पीएन सिंह के नेतृत्व में जुलूस निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर पहुंचे।
मुख्य गेट पर अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बार के अध्यक्ष लालजी पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार किया।
बजट में घोषणा के बाद भी अधिवक्ता कल्याण निधि के 40 करोड़ रुपए नहीं आए। उन्होंने कहा कि आंदोलन के साथ ही समस्त अधिवक्ता 23 मार्च को मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करेंगे।
बार के महामंत्री प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि मांगे पूरी होने तक सभी अधिवक्ता इसी तरह से विरोध प्रकट करते रहेंगे। पुतला फूंकने के दौरान मुख्य रूप से राणा प्रताप सिंह, सत्यानंद पांडेय, विजय बहादुर पाल, दारोगा सिंह, अजय कुमार सिंह, शमसुल हसन, प्रदीप सिंह, प्रमोद तिवारी, अरविंद तिवारी, मानसिंह यादव रामकृत यादव आदि मौजूद रहे।
वहीं, सदर तहसील और कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए मंगलवार को सदर तहसील से मुख्यमंत्री का पुतला लेकर जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्ट्रेट पर अधिवक्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि प्रदेश सरकार दोहरी राजनीति कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जब घोषणा कर दी तो धन क्यों नहीं आ रहा है। पुतला फूंकने के दौरान कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष रामकिशोर लाल श्रीवास्तव, मंत्री सुरेंद्र सिंह, सदर तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री हरिकेश सिंह, अजीत लाल श्रीवास्तव, हरेन्द्र यादव, नरेंद्र राय, अरुण सिंह, ओमप्रकाश त्रिपाठी आदि रहे।