मधुबन। तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा दरगाह में आयोजित 113 साल पुरानी रामलीला के सातवें दिन रविवार की रात लंका दहन प्रसंग का मंचन किया गया। हनुमान की लंबी होती पूंछ और उससे सोने की लंका में आग लगाने के दृश्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व विधायक उमेश चंद्र पांडेय ने फीता काटकर और भगवान की आरती उतारकर किया। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को भी शामिल होना था, लेकिन वह नहीं पहुंच सके। उनकी ओर से ओएसडी डॉक्टर रामचंद्र शर्मा कार्यक्रम में शामिल हुए और भगवान की आरती की। रामलीला समिति ने अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम के दूत हनुमान के समुद्र पार कर लंका पहुंचने का दृश्य दिखाया गया। हनुमान ने अशोक वाटिका में माता सीता की खोज की और उन्हें भगवान श्रीराम की मुद्रिका सौंपी।अशोक वाटिका में हनुमान ने फल खाए, पेड़ उखाड़े और राक्षसों से युद्ध किया। इसके बाद रावण के दरबार में हनुमान की पेशी हुई। रावण ने उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया। अंत में हनुमान ने जलती पूंछ से लंका के विभिन्न हिस्सों में आग लगा दी। इस दृश्य पर दर्शकों ने जयकारे लगाए।