मऊ। कलेक्ट्रेट में सोमवार को पहुंचे गोंठा निवासी एक व्यक्ति ने गांव के दो लोगों पर आरोप लगाया है कि दोनों ने उसे मृत दर्शा कर उसकी एक एकड़ जमीन अपने नाम करा ली है। उसने कार्रवाई कर उसकी जमीन उसके नाम कराने की मांग की।
घोसी तहसील के गोंठा गांव निवासी हबीबुल्लाह की गांव में एक एकड़ जमीन है। वह पल्लेदारी कर परिवार की जीविका चलाता है। दिसंबर 2020 में हबीबुल्लाह की जमीन गोंठा गांव के ही दूसरे पूरवे के निवासी दो सगे भाइयों अब्दुल हई और अब्दुल अलीम के नाम वरासत का हवाला देते हुए दर्ज कर ली। खतौनी में अंकित आदेश में लिखा है कि 1428 फसली आदेश राजस्व निरीक्षक मुहम्मदाबाद सिपाह क आवेदन संख्या 20201519200971002605 अंतर्गत धारा 33(2) उ.प्र. राजस्व संहिता दिनांक 15-12-20 मृतक हबीबुल्लाह पुत्र हफीज का नाम निरस्त कर उनके स्थान पर अब्दुल हई और अब्दुल अलीम पुत्र इलियास गोंठा का नाम बतौर जरिये वरासत अंकित हो। इस आदेश का अनुपालन 18 जनवरी 2021 को करके कंप्यूटर पर खतौनी में चढ़ा दिया गया।
हबीबुल्लाह जब नौ अप्रैल 2021 को अपने खेत की खतौनी की नकल लिया तो उस पर अपना नाम निरस्त होने और दूसरे लोगों का नाम दर्ज देख परेशान हो गया। हबीबुल्लाह सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा। डीएम के न रहने पर डीएम कक्ष में मौजूद सीआरओ हंसराज को उसने मामले से अवगत कराया। सीआरओ ने राजस्व अभिलेख को दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया। उधर तहसीलदार पीसी श्रीवास्तव का कहना था कि लेखपाल कानूनगो से पूछताछ कर इस गडबड़ी को ठीक कराया जाएगा। एसडीएम डा.सीएल सोनकर का कहना है कि प्रकरण की जांच करके दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरे क्षेेत्र के कानूनगो ने पारित कर दिया आदेश
मऊ। खतौनी आदेश पर जिस मुहम्मदाबाद सिपाह राजस्व निरीक्षक के आदेश का हवाला दर्ज है उनके कार्यक्षेत्र में गोंठा गांव नहीं आता है। अपने कार्य क्षेत्र से बाहर जाकर राजस्व निरीक्षक ने यह आदेश पारित कर दिया। गोंठा गांव के प्रभारी कानूनगो राजेश सिंह का कहना है कि चूूंकि वह प्रभारी हैं। ऐसे में उनका आदेश खतौनी में नहीं चढ़ेगा। उधर तहसीलदार पीसी श्रीवास्तव का कहना है कि तहसील में एक मात्र मुहम्मदाबाद सिपाह के राजस्व निरीक्षक ही स्थायी हैं, बाकी सभी प्रभारी हैं। इसलिए स्थायी राजस्व निरीक्षक का आदेश ही खतौनी में चढ़ा है।