कोतवाली क्षेत्र के धरहरा निवासी हुस्नआरा की शिकायत और न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने गुलजार अहमद, कमर जावेद, मोहम्मद शाजिद रजा, सगीर अहमद, रंजीत यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि इन लोगों ने 40 लाख रुपये में जमीन तय की। 4 लाख रुपये बयाना हुस्नआरा के बैंक खाते में भेजे। कर्ज चुकाने के लिए कागज पर हस्ताक्षर कराकर बिना पैसे दिए जमीन रजिस्ट्री करा ली और बैंक खाते से दिए हुए 4 लाख रुपये भी निकाल लिए।
प्राथमिकी के अनुसार, हुस्नआरा धरहरा गांव स्थित आराजी नंबर 522 में रकबा 42 कड़ी भूमिधर मालिक हैं और मकान बनवाकर रहती हैं। जीविका चलाने के लिए गांव में घूमकर चूड़ी वगैरह बेचती हैं।
रोजगार बढ़ाने के लिए उन्होंने समूह से 1 लाख रुपये कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने में परेशानी होने की जानकारी पर कोतवाली क्षेत्र के खैराबाद निवासी गुलजार अहमद, कमर जावेद, मोहम्मद शाहिद रजा, नाजोपट्टी निवासी सगीर अहमद और शमसाबाद निवासी रंजीत कुमार ने मिलकर साजिश रची।
हुस्नआरा को बहला-फुसलाकर 11 दिसंबर 2024 को 15 कड़ी जमीन का हिब्बानामा सगीर अहमद के नाम लिखवा लिया। बोले कि जमीन-मकान 40 लाख रुपये में बेचकर कर्ज चुका दिया जाएगा।
इसके लिए 4 लाख रुपये बयाना के रूप में देने की बात कही। 26 मार्च 2025 को गुलजार अहमद से 4 लाख रुपये लेकर उन्होंने 0.0098 हेक्टेयर जमीन एग्रीमेंट कर दी। 10 दिन बाद गुलजार अहमद दो लाख रुपये घर पर देकर गया।
जब वह दूसरी जमीन खरीदने के लिए रुपये निकालने गईं तो पता चला कि सभी ने फर्जी हस्ताक्षर कर 27 मार्च 2025 को उनके खाते से 4 लाख रुपये रंजीत कुमार के खाते में ट्रांसफर कर निकाल लिए।
24 अप्रैल 2025 को जमीन की नकल निकलवाने पर पता चला कि आरोपियों ने धोखे से एग्रीमेंट की जगह रजिस्ट्री बैनामा भी लिखवा लिया है। पूछताछ करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी।
कोतवाल केके वर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने सहित संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।