जिलेवासियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस की सौगात तो मिल गई है, लेकिन रैंप प्लाजा के लिए जमीन चिह्नित होने के दो साल बाद भी लोग तरस रहे हैं। रानीपुर ब्लॉक के गोकुलपुरा में जमीन को चिह्नित करने के बाद अभी तक आगे को कोई कवायद नहीं की गई है। लखनऊ से गाजीपुर तक आने वाले हर जिले में रैंप प्लाजा बनाया जा चुका है। लेकिन सिर्फ मऊ जनपद ही अभी तक अछूता है। जिले के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए गाज़ीपुर या आजमगढ़ से ही सफर की शुरुआत करनी पड़ती है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान दावा किया गया था कि जिस जनपद से पूर्वांचल एक्सप्रेस गुजरेगा वहां पर इंटरचेंज या रैंप प्लाजा बनाया जाएगा। लेकिन पूर्वांचल एक्सप्रेस पर सफर की शुरुआत होने के बाद जिले केे इस सुविधा से वंचित है। जिले के व्यापारियों को भी पूर्वांचल एक्सप्रेस से आने जाने के लिए लंबी परिक्रमा करनी पड़ रही है। जनपद वासियों की मांग पर तत्कालीन कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने जिले में रैंप प्लाजा बनाने की घोषणा की थी। एक्सप्रेसवे के 277.5 किमी प्वाइंट पर गोकुलपुरा रानीपुर मार्ग के बीच रैंप प्लाजा के लिए जमीन चिह्नित की गई है। सीमांकन कर वहां झंडा भी लगाया गया था। लेकिन अभी तक किसानों की भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
जनपद वासियों की मांग पर तत्कालीन कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने जिले में रैंप प्लाजा बनाने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक उसे लेकर कोई पहल नहीं हो सकी है।- दिनेश सिंह, निवासी फतेहपुर
जनपद से 28 किमी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे गुजरा है। मऊ में इस पर जाने की सुविधा नहीं है। जनपद के किसान बुनकर व्यापारी को जो लाभ मिलना चाहिए नहीं मिल रहा है।- अभय कुमार मौर्य, ग्राम प्रधान गोकुलपुरा
जब पहल हुई थी जो ऐसा लगा था कि जिले को रैंप प्लाजा मिल जाएगा। लेकिन साल दर साल बीतने के बाद भी कोई काम नहीं हो सका है।- रामप्रकाश, निवासी फतेहपुर
जिले के लोगों को कहने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की सौगात मिली है। सही मायने में जिले से पूरी तरह जुड़ाव नहीं होने से यह सौगात आधी अधूरी ही है।
- जीतेंद्र यादव, निवासी रानीपुर
रानीपुर के गोकुलपुरा में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर जनपद में रैंप प्लाजा के निर्माण को संबंधित अधिकारियों से जल्द ही बात कर जानकारी ली जाएगी। शासन के आदेश पर जो भी निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा। - प्रवीण मिश्र, जिलाधिकारी मऊ