मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा और आसपास के क्षेत्र में लक्ष्मी पूजा के अवसर पर पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार की आधी रात बाद तीन बजे के करीब टौस नदी में किया गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती तो की गई थी, लेकिन होमवर्क न होने और कर्मियों की उदासीनता के चलते मूर्ति विसर्जन जुलूस में शामिल विभिन्न क्लबों के कार्यकर्ताओं के बीच कई बार मारपीट की घटना हुई। इसके चलते बुधवार को दोपहर बाद उठाई गईं प्रतिमाएं भोर में तीन बजे तक विसर्जित की जा सकीं।
मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा की प्रसिद्ध दीपावली व लक्ष्मी पूजा के दौरान स्थापित प्रतिमाओं को पुलिस बल की भारी सुरक्षा के बीच गुरुवार की भोर तक प्रवाहित करने का सिलसिला चलता रहा।
इस बार सुरक्षा व्यवस्था के लिये आधा दर्जन से अधिक थाना क्षेत्रों के एसओ के अलावा महिला पुलिसकर्मी दरोगा व पीएसी के जवान लगाए गए थे। एडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक भी पूरी रात मानिटरिंग करते रहे, लेकिन पुलिस का होमवर्क सही ढंग से न होने के कारण विसर्जन के दौरान कई बार सुरक्षा की चूक उजागर हुई।
मूर्तियों के साथ चलने वाले पुलिस कर्मी वहां से नदारत दिखाई दिए, जिसके चलते विसर्जन जुलूस में शामिल युवक मनमाने तरीके व काफी देर तक एक ही स्थान पर डीजे पर डांस कर रहे थे। इतना ही नहीं डांस करने व अन्य कई कारणों से जुलूस में शामिल युवक कई बार एक दूसरे से भिड़ गए, इससे छह से अधिक युवक घायल हो गए। फिलहाल भोर तक चलने वाले विसर्जन के बाद प्रशासन व पुलिस महकमा ने राहत की सांस ली।