नगर क्षेत्र के राजारामपुरा मोहल्ले में स्थापित गणेश लक्ष्मी की प्रतिमा।
कस्बा में ऐतिहासिक लक्ष्मी पूजा रविवार की शाम को पंडालों में मूर्ति स्थापना के बाद शुरू हो गई। पंडाल निर्माण के आलावा साउंड, लाइटिंग आदि के लिये जारी आचार संहिता का पालन कराने के लिए प्रशासनिक अमला पहले से ही मुस्तैद दिखा। रविवार देर शाम तक कोतवाली क्षेत्र में पूजा के लिए स्थापित 139 पांडालों में मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित स्थापित कर पूजा के लिए पट्ट खोल दिया गया।
लक्ष्मी पूजा के अवसर पर मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में कुल 139 पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। अकेले मुहम्मदाबाद गोहना और खैराबाद बाजार को मिलाकर 79 प्रतिमाएं स्थापित की गई है। इसके अलावा अन्य प्रतिमाएं क्षेत्र की छोटी मोटी बाजारों में स्थापित है। इनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन ने पांडाल बनाने का एक मानक तय किया है।
ऐसे में इस ऐतिहासिक लक्ष्मी पूजा को सकुशल संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। पांडाल निर्माण, सजावट व साउंड आदि लगाने पर खुफिया तरीकों से नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था व गाइड लाइन के बारे में बताते हुए उपजिलाधिकारी आरडी पांडेय ने बताया कि पांडाल निर्माण के लिये प्रशासन द्वारा तय की गयी गाइड लाइन के अनुसार ही पांडाल निर्माण लाइटिंग व साउंड लगाये जाने की अनुमति दी जायेगी।
कहाकि किसी भी क्लब द्वारा अगर तय गाइड लाइन से अलग किसी अन्य प्रकार का निर्माण कराये जाने के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जायेगी। एसडीएम ने बताया कि दीपावली से लेकर तीन दिनों तक चलने वाले पूजन अर्चन के दौरान हर व्यक्ति के उपर खुफिया तरींके से नजर रखी जायेगी। कहा कि इसके आलावा सादे वेश में भी पुलिसकर्मी और एलआइयू के जवान गड़बडी़ फैलाने वालों पर नजर रखेगे। दूसरी तरफ विभिन्न क्लब के आयोजक पांडाल निर्माण को अंतिम रूप देने में जुटे थे। रविवार को पट ख़ुलते ही पूरा नगर मां के जयकारे से गूंजायमान हो गया।