फतेहपुर मंडाव ब्लाक की लखनौर ग्राम पंचायत में दशकों पहले बना पंचायत भवन कंडम हालात में है। ग्रामीणों ने इस अपने पशुओं को रखने तथा उपला सुरक्षित करने की जगह बना ली है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या को लेकर जिम्मेदार अनभिज्ञ हैं, बल्कि जानते हुए अभी तक मौन साधे हुए हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत में बैठक या दूसरे विकास को लेकर बैठक खुले में या मंदिर प्रागंण या किसी आवास पर आयोजित होती है। शासन-प्रशासन की तरफ से नए पंचायत भवनों के निर्माण से लेकर उन्हें आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के लखनौर गांव में बना पंचायत भवन जर्जर हो गया है। न तो यहां नया पंचायत भवन बन रहा है और न ही पुराने का जीर्णोद्धार हो रहा है। इसमें भूसा और अन्य सामान रखा जा रहा है। परिसर में चारों तरफ उपला और गंदगी का अंबार है। पंचायत भवन के जमीन पर अतिक्रमण भी है।
बताते चलें कि वर्ष 1995 में लगभग 28 वर्ष पहले बना पंचायत भवन देखरेख के अभाव में जर्जर हो गया है। इस पंचायत भवन को लेकर न तो गांव के जिम्मेदार गंभीर दिख रहे हैं और न विभागीय अधिकारी। समस्या के संबंध में ग्रामीण शशांक शर्मा, अंगद गुप्ता, विवेक आदि बताते हैं कि यह पंचायत भवन बना पूरी तरह जर्जर हो चुका है। अतिक्रमण की जद में है।
अधिकारी आए, जांच भी की लेकिन पंचायत भवन का सुंदरीकरण या नवनिर्माण फाइलों में दब कर रह गई। वहीं, इस संबंध में ग्राम प्रधान सन्नी मल्ल ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार ब्लाक पर अवगत कराया गया। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इसकी जांच तो की गई लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई।
वहीं इस संबंध में फतहपुर मंडाव ब्लाक के बीडीओ जयेश कुमार सिंह ने बताया कि जल्द कमेटी गठित कर लखनौर में बने पंचायत भवन का निरीक्षण कर दुरुस्त कराया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी, वहां नए पंचायत भवन बनाए जाएंगे। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की बैठक कराकर उनकी समस्याएं सुनी जाएगी।