मऊ। भारतीय कुर्मी महासभा के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया गया। क़ुर्मी महासभा द्वारा यह प्रदर्शन सरदार पटेल स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम रखे जाने के विरोध में था। प्रर्दशन करने के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें स्टेडियम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम हटाकर पुन: सरदार पटेल रखने का दिशा निर्देश जारी किया जाए की मांग की। जिससे सरदार पटेल को यथोचित सम्मान प्राप्त हो सके।
बुधवार को भारतीय कुर्मी महासभा वीरेंद्र कुमार पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महासभा के प्रदेश सचिव राजेश वर्मा ने कहा कि देश के महापुरुष सरदार पटेल को अपमानित करते हुए सरदार पटेल स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम कर दिया गया। कहा कि गुजरात के मोटेरा क्षेत्र में स्थित स्टेडियम का नाम आधुनिक भारत के निर्माता किसानों के मसिहा लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर सन 1994/1995 में सरदार पटेल स्टेडियम रखा गया था। आरोप लगाया कि इस महापुरुष को अपमानित करते हुए विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नाम 24 फरवरी 2021 को नरेंद्र मोदी स्टेडियम रख दिया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस कृत्य से कुर्मी समाज सहित देश भर के सरदार पटेल समर्थक आहत हैं। वहीं जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि कुर्मी महासभा गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन एवं भाजपा सरकार के इस कृत्य की कड़ी से कड़ी निंदा तथा घोर भर्त्सना करती है। साथ ही मांग करती है कि वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में नरेंद्र मोदी का नाम हटाकर पुन: सरदार पटेल रखने का दिशा निर्देश जारी किया जाय। जिससे सरदार पटेल को यथोचित सम्मान प्राप्त हो सके। चेताया कि मांग पूरी न होने पर कुर्मी महासभा सहित संपूर्ण देश में भाजपा सरकार का पुरजोर विरोध करते हुए सरदार पटेल के सम्मान में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करनें के लिए बाध्य होगी। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश-केंद्र सरकार की होगी। विरोध करने वालों में रामनरायन सिंह पटेल, कमलेश सिंह पटेल, सुदेश कुमार पटेल, सुरेंद्र सिंह पटेल, अमित कुमार पटेल, रामाश्रय सिंह, अभयनरायन सिंह, संतोष पटेल, अमरजीत पटेल, शिवप्रकाश पटेल आदि समाज के लोग मौजूद रहे।