मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डाँ. कृष्ण प्रताप सिंह ने गबन के मामले मे आरोपी तत्कालीन सहकारी कुर्क अमीन जितेन्द्र राय को 9675 रुपये के सरकारी धन के गबन के मामले में सुनवाई के बाद दोषी पाया।
दोषी पाए जाने के बाद उसे 1 वर्ष की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार सहायक विकास अधिकारी सहकारिता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। आरोप था कि 24 अप्रैल 1982 को परदहां ब्लॉक में सरकारी कुर्क अमीन के पद पर तैनात कोपागंज थाना क्षेत्र के रेवरीड़ी गांव निवासी जितेंद्र राय ने 9675 रुपया गबन कर लिया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी हरेंद्र सिंह ने कुल 6 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद तत्कालीन सरकारी कुर्क अमीन जितेंद्र राय को गबन का दोषी पाया। दोषी पाते हुए उसे 1 वर्ष की सजा के साथी 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।