नगर के इमिलिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ातीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री।संवाद
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मऊ। संक्रमण की तीसरी लहर की रफ्तार कम होने के बाद सोमवार से जिले के आंगनबाड़ी केंद्र खुल गए, लेकिन बच्चे नदारद रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका घर-घर जाकर बच्चों को केंद्र पर लाए। मुख्य द्वार पर साबुन से हाथ धुलवाकर उन्हें केंद्र में भेजा गया। हालांकि कई केंद्रोे पर कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं किया गया। उधर, काफी समय से घरों में कैद बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र जाकर खुश दिखे। जिले में 2587 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। संक्रमण के कारण पिछले दिसंबर माह से इनका संचालन बंद चल रहा था। शासन के फरमान पर सोमवार को केंद्र खुले लेकिन अधिकांश पर बच्चे नदारद रहे। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका घर-घर जाकर नौनिहालों को केंद्र पर लाए। केंद्र पर आकर बच्चे बेहद खुश दिखे। जबकि पहले दिन कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद भी रहे। दुबारी : क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में आंगनबाड़ी केंद्र सोमवार से खुले। आंगनबाड़ी केंद्र कुंवरपुरवा में पंजीकृत 120 के मुकाबले 25 बच्चे आए। गजियापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर सुबह 11 बजे तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका नदारद मिले। तिघरा आंगनबाड़ी केंद्र खुला था। केंद्र पर तीन बच्चे उपस्थित मिले। अहिरुपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में तीन बच्चे उपस्थित मिले। दुबारी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर 19 बच्चे रहे। मझवारा : पहले दिन क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। यहां न तो कार्यकर्ता और सहायिका पहुंचे और न ही बच्चे। चिरैयाकोट : कस्बा स्थित मुबारकपुर, मोलनागंज, महतवाना भाग एक, महतवाना भाग दो, ताजपुर आंगनबाड़ी केंद्र खुले। यहां बच्चे आए और उन्हें कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रवेश दिया गया। कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन कराया गया। जबकि कई केंद्रों पर प्रोटोकॉल का पालन नहीं कराया गया। यहां बच्चे तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मास्क तक नहीं लगाए थे। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी के गत 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने के बाद अभी तक पद रिक्त चल रहा है। हालत यह है कि आचार चुनाव संहिता लागू होने के चलते प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी की तैनाती भी नहीं हो सकी है।