रतनपुरा में जल निगम के ओवरहेड टैंक परिसर की टूटी बाउंड्री।संवाद
- फोटो : MAU
मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बने ओवरहेड टैंकों की सुरक्षा में खानापूर्ति की जा रही है। इनके रखरखाव और जलस्तर चेक करने के लिए बनाई गई ऊपर तक जाने वाली सीढियां असमाजिक तत्वों का अड्डा बन रही हैं। ऐसे में कभी भी किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। पेयजल आपूर्ति के लिए सदर तहसील, मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना में 15 से ज्यादा, नौ नगर निकाय में 10 से ज्यादा और नगर पालिका मऊ में आठ ओवरहेड टैंक बने हैं। नगर के चार ओवरहेड टैंक को छोड़ दिया जाए तो सभी ओवरहेड चालू स्थिति में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी निगरानी जलनिगम तथा निकायों में नगर पालिका और नगर पंचायतों के जिम्मे हैं। यहां पर सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल भी बनी हैं और चौकीदार भी तैनात है। बावजूद ओवरहेड टैंक परिसर में आसानी से असमाजिक तत्व घुस सीढ़ी से ऊपर तक चढ़ जाते हैं। ऐसे में काफी ऊचाइयों पर चढ़ने के दौरान न कभी कोई हादसा घटित हो सकता हैं। सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार मौन साधे हैं। सूत्रों की माने तो कई ओवरहेड टैंकअसमाजिक तत्वों के साथ शराबियों के अड्डे भी बने हैं। बीते साल कोतवाली क्षेत्र के बाल निकेतन के पास रेलवे के परिसर में बने ओवरहेड टैंक पर चढ़े कुछ युवकों को पुलिस ने लोगों की शिकायत पकड़ा था। बाद में पुलिस ने समझाने के बाद उसे छोड़ दिया था। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधर सकी है। जलनिगम के एक्सईएन एमए किदवई ने बताया कि सभी ओवरहेड टैंक पर चौकीदार तैनात हैं। उन्हें सक्रिय किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी।