मऊ। कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली की तैयारियां रविवार को पूरी हो गईं। दोहरीघाट कस्बा के सरयू तथा तमसा तट पर हजारों श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। नगर के शीतला माता मंदिर पर 1100 दीप जलाए जाएंगे। इस अवसर पर पोखरे, परिसर को विद्युत झालरों एवं फूलों से सजाया गया है। भक्त देर शाम तक मंदिर को सजाते संवारते रहे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में स्थापित प्रमुख मंदिरों में देव दीपावली के मौके पर घी के दीपक जलाए जाएंगे। सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
जिले में सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा तथा देव दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। कार्तिक पूर्णिमा के दिन दोहरीघाट के सरयू, तमसा तट पर हजारों श्रद्धालु नदी में डुबकी लगाएंगे। प्रशासन की तरफ से अपराह्न बाद तक घाटों पर सुविधाएं बहाल करने का क्रम युद्ध स्तर पर चल रहा था। नगर के शीतला माता धाम पर 1100 दीप जलाए जाएंगे।
कोरोना संक्रमण काल में शीतला माता धाम पर मेले का आयोजन नहीं होगा। शीतला माता धाम व्यवस्था समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. रामगोपाल गुप्त ने बताया कि मंदिर के मुख्य द्वार पर सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रवेश की अनुमति होगी। इसके साथ ही घोसी के पक्कापोखरा स्थित मंदिर, चिरैयाकोट क्षेत्र के खाकी बाबा की कुटी में कार्यक्रम होंगे।
इसके अलावा नगर के ढेकुलियाघाट, मठिया टोला शिवाला, भीटी स्थित शिव मंदिर, कतुआ पुरा स्थित शिव मंदिर, कतुआपुरा स्थित मातृ मंदिर, दोहरीघाट के गौरीशंकर घाट, रामघाट सहित तमसा नदी के तट पर स्थापित मंदिरों में घी के दीपक जलाए जाएंगे। मंदिर के पदाधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुट रहे। वलीदपुर: प्राचीन धरोहरों में मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के करहां स्थित गुरादरी मठ, देवलास मंदिर पर दीप जलाए जाएंगे। कोरोना संक्रमण के चलते देव दीपावली का पर्व सादगी से मनाया जाएगा।