विजिलेंस ने की छापेमारी में बिजली चोरी का खुला राज, कर्मियों की मिलीभगत से डेयरी को की जा रही थी बिजली आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
मधुबन। विजिलेंस की छापामारी में मंगलवार को रौजा विद्युत उपकेंद्र से डेयरी को चोरी से बिजली आपूर्ति करने का मामला सामने आने के बाद अवर अभियंता प्रेमचंद को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में दो संविदा कर्मी कार्य मुक्त किए गए हैं। विजिलेंस टीम की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार ने की।
विजिलेंस की जांच में मंगलवार को गोविंदा डेयरी में अवैध रूप से विद्युत आपूर्ति का मामला पकड़ा गया। इस मामले में अधीक्षण अभियंता ने जेई को निलंबित करने के साथ ही संविदा लाइनमैन धर्मेंद्र और अशोक को कार्यमुक्त कर दिया। दोनों कर्मियों के मिलीभगत से डेयरी को बिजली की सप्लाई दी जा रही थी।
परसूपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ विद्युत विभाग की इस कार्रवाई से अफसर सकते में आ गए हैं। इस बिजली चोरी में मधुबन के रौजा स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता प्रेमचंद एवं संविदा लाइनमैन धर्मेंद्र और अशोक की संलिप्तता पाई गई है। आरोप है कि इन कर्मियों की मिली भगत से राम गोविंद डेयरी परसूपुर में अवैध रूप से विद्युत आपूर्ति की जा रही थी। शिकायत पर बीते दिनों विजिलेंस की टीम ने यहां छापेमारी की थी। जांच में आरोप सही पाए गए थे। जिसके बाद विजिलेंस टीम द्वारा अपनी रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता कार्यालय आजमगढ़ को प्रेषित की गई। उसी रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को तीनों विद्युत कर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि विजिलेंस विभाग की ओर से की गई छापेमारी में मौके पर चोरी से विद्युत का उपयोग किया जा रहा था। जांच में संबंधित विद्युत उपकेंद्र के विद्युत कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गयी। 33/11 केवी रौजा विद्युत उपकेंद्र से समृद्ध तीनों विद्युत कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने आगाह किया कि यदि इस तरह कहीं और भी चोरी से विद्युत का उपयोग करते हुए पाया गया तो विभाग संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।