कलेक्ट्रेट में स्थित कार्यालयों का शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से स्वयं को मास्टर प्लान का जेई बनकर ठगने वाले युवक को पकड़ा।
पूछताछ में पता चला कि वे बीते कई वर्षों से विभाग में आते जाते हुए कई लोगों से स्वयं को जेई बताकर ठगता था। डीएम ने उसे अपने कार्यालय पर लाकर गहन पूछताछ की। इसके बाद पुलिस को सौंप दिया। शहर कोतवाली पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करते हुए उसका चालान कर दिया।
शुक्रवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव कलेक्ट्रेट के कार्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में जब पहुंचे तो वहां एक युवक काम करते हुए दिखा।
उन्हें शक हुआ तो उन्होंने उससे पूछताछ की। लेकिन पूछताछ के दौरान युवक ने भागने की कोशिश की। लेकिन उसे गार्ड और संतरी ने पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद उसने अपना नाम अनीस अहमद पुत्र मंजूर अहमद निवासी डोमनपुरा थाना दक्षिणटोला बताया। बताया कि वह काफी दिनों से कार्यालय में आता जाता है।
डीएम उसे लेकर अपने कार्यालय में पहुंचे जहां पर उससे गहन पूछताछ की। पकड़े गए फर्जी कर्मचारी ने उन्हें बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत एक बाबू की मदद से वह यह कार्य करता था। डीएम ने शहर कोतवाली पुलिस को बुलवाकर उसे पुलिस को सौंप दिया।
जिसके बाद शहर कोतवाली में सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बढुआ गोदाम निवासी रितेश यादव पुत्र संतोष की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा उक्त व्यक्ति के खिलाफ दर्ज कराया।
तहरीर में संतोष ने बताया कि अनीस ने उससे खुद को मास्टर प्लान का जेई बताकर ठगी की है। शहर कोतवाल ने बताया कि युवक अनीस अपने आप को मास्टर प्लान का जेई और नगर पालिका का जेई बताकर लोगों को ठगता थ्ाा।