नगर की सड़कों पर कुछ इस तरह से रहा सन्नाटा।
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मऊ। जिले में जनता कर्फ्यू शत प्रतिशत सफल रहा। सड़कें पूरी तरह वीरान रहीं। जिला मुख्यालय से लेकर कसबों,बाजारों और गांवों तक में सड़कों और गलियों पर सन्नाटा पसरा रहा। चाय पान से लेकर सभी तरह की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। जिले के सभी तिराहों चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात थे। सड़क पर निकलने वाले लोगों से कहीं-कहीं पुलिस ने बदसलूकी किया। प्रधान मंत्री के आह्वान पर लोगों ने जिस तरह से जनता कर्फ्यू का अनुपालन किया उससे ऐसा लगा कि कोरोना वायरस को शिकस्त देने के लिए जनपदवासियों ने दृढ़ संकल्प ले लिया है।जनपद में मुंबई,दिल्ली सूरत,अहमदाबाद और लखनऊ महानगरों से आने वाली ट्रेनें यहां पहुंचीं। उनसे काफी यात्री यहां मऊ जंक्शन पर उतरे और अपने घरों को गए। मुंबई और सूरत से आए कुछ यात्रियों को वाराणसी से लेकर आई काशी डिपो की रोडवेज बस यहां से लौट गई। ऐसे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कोई वाहन ही उपलब्ध नहीं थे। कोपागंज और घोसी तक के यात्री तो सामानों से भरे बैग सिर पर रखकर पैदल ही चल दिए। दूर के यात्री वाहनों का इंतजार कर रहे हैं।सड़कों पर निकलने को लेकर शहर कोतवाली पुलिस के सिपाहियों और एक दरोगा ने आजमगढ़ मोड़ रोडवेज और भीटी तथा ढेकुलियाघाट रोड पर लोगों से दुर्व्यवहार किया। पुलिस कर्मियों के इस रवैये से लोगों में नाराजगी दिखी। इधर हाल के दिनों में मुंबई से आने वाले लोगों के बारे में जैसे जैसे पत चल रहा है स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें उनके घरों पर पहुंचकर स्क्रीनिंग में जुट गई। रतनपुरा और कोपागंज ब्लाक क्षेत्रों में मुंबई से आए चार लोगों का पता चलने पर स्वास्थ्य टीमें उनके घरों पर पहुंची। उनका हाल चाल लिया और कुछ हिदायतें तथा सुझाव देकर वापस लौट गईं।