जिले के विभिन्न इलाकों में मंगलवार को दो दिन बाद तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। कई स्थानों पर जलभराव देखने को मिला। कृषि विशेषज्ञ ने बारिश को धान की फसल के लिए नुकसान बताया है। मंगलवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। धूप छांव होता रहा। दोपहर में लगभग दो बजे मौसम में बदला। तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। लगभग 40 मिनट तक झमाझम बारिश हुई। बारिश के चलते शहर के भीटी, रघुनाथपुरा, मुुंशीपुरा, निजामुद्दीनपुरा आदि इलाकों में जलभराव हो गया है। मंगलवार कोे अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आद्रता 87 प्रतिशत रही। छह किमी की रफ्तार से हवाएं चलीं। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि जिले मेें 80 हजार हेक्टेयर में धान की बोआई की गई है। लगभग 20 प्रतिशत धान की फसल में बालियां आ गई है। बारिश से बालियाें में फंगस लग सकता है। इससे धान के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। संवाद