नगर क्षेत्र के जहांगीराबाद में आयोजित इज्तेमा में उमड़ी लोगों की भीड़।
नगर के जहांगीराबाद तीन दिवसीय तबलीगी इज्तेमा आरंभ रविवार को जोहर की नमाज के बाद हुआ। इस आयोजन में कई जनपदों की जमात ने भाग लिया। जिसमें काफी संख्या में लोगों ने मौलाना मुफ्ती उसामा की इमामत में नमाज अदा की। नमाज के बाद मौलाना मुफ्ती जावेद के खिताब से इज्तेमा की शुरूआत हुई।
मौलाना ने अपने तकरीर में कहा कि इस इज्तेमा का मकसद लोगों के दिलों में अल्लाह का भय पैदा करके इस्लाम के उसूलों को पूरी तरह अनुश्रण करने की प्रेरणा देना है। इस्लाम अमन और शांति का संदेश देता है। आप अपने दायित्वों का निर्वाह करते रहिए। इस्लाम का मान हमारे दिलों के अंदर है, हमें इस्लाम के बताए हुए रास्तों पर चलना है।
ह ध्यान देना आवश्यक है कि हमारे आचरण एवं व्यवहार से किसी दूसरे व्यक्ति को क्षति या हानि न होने पाए क्योंकि अपने आचरण से दूसरों को तकलीफ पहुंचाने वाला सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। मौलाना ने कहा कि दुनिया में जितने भी पैगंबर आए वे सभी अल्लाह के निर्देशों को आम मानव जगत तक पहुंचाने का दायित्व लेकर आए थे।
अच्छा आचरण उन्हें अल्लाह के करीब जरूर लाएगा। मौलाना ने कहा कि आज इस इज्तेमा का मकसद भी यही है कि इस्लाम के निर्देशों को बताकर समाज में फैली हुई बुराइयों, कुरीतियों, विडंबनाओं एवं मानवों को क्षति पहुंचाने वाले कारकों से लोगों को रोका जाए।