मऊ। कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के फैजुल्लाहपुर गांव में इंटरलाकिंग, हैंडपंप रिबोर एवं मरम्मत कार्य के मामले में सीडीओ राम सिंह की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच टीम ने जांच किया। जांच में व्यापक पैमाने पर अनियमितता मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया।
कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के फैजुल्लाहपुर गांव में इंटरलाकिंग, हैंडपंप रिबोर एवं मरम्मत कार्य में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती गई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा तथा तकनीकी अवर अभियंता ने गत आठ नवंबर 2020 को जांच की। जिसमें पाया गया कि बजरंगी के घर से बनवारी के घर तक इंटरलाकिंग कार्य के लिए कार्य की प्रस्तावित लंबाई 60 मीटर एवं चौड़ाई 2.5 है। जिस पर दो लाख 49 हजार 536 रुपये की तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासनिक स्वीकृति सक्षम स्तर से प्रदान की गई है। मौके पर मापन के उपरांत 55 मीटर लंबाई एवं 3.54 औसत चौड़ाई के सापेक्ष 15 वर्ग मीटर का कार्य होना पाया गया।
इंडिया मार्का-2 हैंडपंप रिबोर कार्य के लिए दो अदद इंडिया मार्का-2 हैंडपंप रिबोर के लिए छह लाख 86 हजार रुपया की प्रशासनिक स्वीकृति ग्राम पंचायत के स्तर से प्रदान की गई है। मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विभूति राय के दरवाजे से पूर्व में निष्क्रिय हैंडपंप की जगह उन्हीं के दरवाजे पर रिबोरिंग कराई गई है। दिवाकर राय के पुराने घर के सामने निष्क्रिय हैंडपंप की जगह उन्ही के नए मकान के सामने रिबोरिंग कराई गई है जो मान्य नहीं है। इंडिया मार्का-2 हैंडपंप मरम्मत कार्य के लिए उन्चास हजार छह सौ अस्सी रुपया की प्रशासनिक स्वीकृति ग्राम पंचायत स्तर से प्रदान की गई है। जिसके सापेक्ष 12 अदद हैंड पंप मरम्मत के लिए का भुगतान किया गया है। मौके पर ग्रामवासियों से पूछताछ र्हुई। जांच में ग्राम विकास अधिकारी इंद्रमणि यादव द्वारा पत्रावली में कार्य से संबंधित टेंडर, सप्लाई ऑर्डर, वर्क ऑर्डर, सप्लाई रसीद एवं कार्य की वित्तीय स्वीकृति संलग्न नहीं की गई है। इस प्रकार इंद्रमणि यादव द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई है, जिसके लिए इंद्रमणि यादव पूर्णतया दोषी पाए गए। डीएम के आदेश पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।