मऊ/बढुआ गोदाम। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर गांव में बृहस्पतिवार की देर शाम गोली लगने से घायल हुए युवक की घटना में जांच के बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध माना। जांच के बाद पुलिस का मानना है कि युवक को टहने के दौरान किसी ने गोली नहीं मारी, बल्कि उसे गोली घर के कमले में खुद से लगी। पुलिस की मांने तो घायल के घर में कोई लाइसेंसी असलहा नहीं है, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा कि युवक अवैध असलहें की टेस्टिंग कर रही था, इस दौरान असलहा फायर कर गया। जिससे युवक घायल हुआ। युवक को बचाने के लिए परिवारीजन ने घटना को दूसरा रूप देने का प्रयास किया। लेकिन जांच में असलियत सामने आ गई।
अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवननाथ त्रिपाठी ने बताया कि गन शाट इंजरी की घटना में सदैव पहली सूचना पुलिस को दी जाती है। लेकिन जयसिंहपुर गांव निवासी युवक रिपुंजय को गोली लगने के बाद पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई। अस्पताल से सूचना मिलने पर जब पुलिस घायल के घर पहुंची। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने घंटे भर से ज्यादा समय तक घर का दरवाजा नहीं खोला। बाद में दरवाजा खुला और पुलिस अंदर पहुंची, तो देखा कि कमरे का फर्श धुला गया है। कारण पूछने पर वो कुछ नहीं बता सकें। लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि दीवार पर खून के छींटें पड़े है। जिसे लोग धोना भुल गए थे। इस तरह से स्पष्ट हो गया, युवक को घर के बाहर नहीं घर में गोली लगी। इस तरह से मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस वापस लौट गई। लेकिन घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को देर शाम तक घायल के परिवार से कोई भी व्यक्ति रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पर नहीं पहुंचा। बताते चले जयसिंहपुर गांव निवासी रिपुंजय सिंह सिर में बृहस्पतिवार की रात गोली लगी। इस दौरान परिवार के सदस्य उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुं्चे। पूछे जाने पर परिजनों ने बताया कि रिपुंजय खाना खाकर घर से टहलने निकला था। तभी अज्ञात बदमाशों ने उसकी कनपटी में सटाकर गोली मार दिया। जांच के बाद डाक्टरों ने युवक की हालत गंभीर देख उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। दूसरी तरफ घायल की हालत स्थिर बताई जाती है। एएसपी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जल्द ही घटना के वास्तविक कारणों की जानकारी हो जाएगी।