मऊ। जिले में यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा की निगरानी पहली बार कंट्रोल रूम से की जाएगी। परीक्षा केंद्रों में लगे हुए वायस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर और हाईस्पीड इंटरनेट को दुरुस्त करने का प्रमाणपत्र जमा करने का आदेश भी केंद्र व्यवस्थापकों को जारी किया गया है। प्रायोगिक परीक्षाएं 21 से 28 जनवरी के बीच होना है। बोर्ड की तरफ से प्रायोगिक परीक्षकों की सूची जारी करने के बाद विभागीय तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है। परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने केलिए बोर्ड की तरफ से जिले में इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा के लिए 227 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रायोगिक परीक्षा में 25463 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए वेब कॉस्टिंग के द्वारा कंट्रोल रूम के माध्यम से ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। इसलिए केंद्रों पर लगे वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, राउटर, हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन आदि का क्रियाशील करने के लिए केंद्र व्यवस्थापकों से प्रमाणपत्र 20 जनवरी तक जमा करने का फरमान जारी किया गया है। प्रायोगिक परीक्षा केंद्रों को 39 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक-एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रुम बना दिया गया है। नोडल अधिकारी के तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। डीआईओएस देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा के लिए 227 परीक्षा केंद्रों की कंट्रोल रुम से आनलाइन मानीटरिंग की जाएगी। सभी तैयारी पूरी कर ली गई है।