कोपागंज थाने के वाजिदपुरा मुहल्ले की नूरानी मसजिद से जुड़ी अब्दुल समद लाइब्रेरी में बम फटने से खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। खुफिया विभाग जांच में जुटा है कि कहीं त्योहार के दौरान किसी घटना को अंजाम देने की साजिश तो नहीं थी। या आतंकियों ने यहां के युवाओं तक अपनी पहुंच बनानी शुरू कर दी है। बहरहाल पुलिस ने मौके से बरामद सामग्रियों की रासायनिक जांच का निर्णय लिया है।
पुस्तकालय में विस्फोट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर यहां बम पहुंचा कैसे। शिक्षा की आड़ में अवांछनीय गतिविधियों को तो अंजाम देने की साजिश नहीं रची जा रही थी।
खुफिया विभाग से लेकर प्रशासन इस बात को लेकर परेशान है कि जिले में त्योहारों की संवेदनशीलता को देखते हुए कहीं माहौल तो बिगाड़ने की किसी संगठन की साजिश नहीं थी। पुलिस ने पुस्तकालय चलाने वाले मदरसे के शिक्षक साजिद को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
इस घटना को लेकर कोपागंज ही नहीं बल्कि आसपास के लोगों में भी शिक्षक की भूमिका को लेकर सवाल हैं। कमरे में बालू, सुतरी, शीशा के कण एवं बारूद मिलने से भी हर किसी को शिक्षक की भूमिका पर संदेह खड़ा हो रहा है। उसकी मदरसे में किस प्रकार की भूमिका थी। कहीं वह मदरसे में किसी संगठन से जुड़कर शिक्षक की आड़ में किसी अवांछनीय गतिविधियों को अंजाम देने में तो नहीं लगा था।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शिवप्रताप उपाध्याय का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी बिंदुओं पर पुलिस की नजर है। शिक्षक की गतिविधियों की पूछताछ में जांच पड़ताल की जा रही है। किसी प्रकार की संदिग्धता होने पर शिक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल अब्दुल्ला के पिता मुहम्मद इलियास की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर शिक्षक साजिद को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।