इस बीच आईबी के लोग फोन कर मरीज के नाम आदि की जानकारी करना शुरू किया। इस दौरान आईबी ने मरीज का उपचार करने वाले डॉक्टर तक से बात कर मरीज और उसकी बीमारी की जानकारी किया। स्वास्थ्य विभाग इस संक्रमण को रोकने और मिलने पर मरीजो का उपचार करने सहित अन्य तैयारी शुरू किया।
तैयारी के क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा, साथ ही बीमारी से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ईएनटी सर्जन, नेत्र सर्जन, एनस्थीसिया चिकित्सकों के बारे में जानकारी ली गई। ताकि यहां के चिकित्सक ब्लैक तथा व्हाइट फंगस के मरीजों की पहचान कर सकें। वहीं इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. एसपी अग्रवाल का कहना है कि ब्लैक औऱ व्हाइट फंगस से निपटने के लिए जो गाइडलाइन आई हैं, उसके अनुसार ही संक्रमण को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
मऊ जिला अस्पताल में ब्लैक तथा व्हाइट फंगस के इलाज में सबसे अधिक जरूरत एमआरआई, सिटी स्कैन सहित न्यूरोलाजिस्ट की है, लेकिन सिटी स्कैन को छोड़कर अन्य सुविधा यहां पर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी के मरीज में यह लक्षण मिलने पर उसे बीएचयू जाना होगा।