फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

15 लाख की बजाय आईं महज ढाई लाख किताबें

विज्ञापन
रानीपुर ब्लाक के खुरहट स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पुस्तक भंडारण केंद्र में रखी हुई पुस्तक - फोटो : MAU
विज्ञापन
मऊ। सरकारी स्कूलों में अभी तक बच्चों के लिए मुफ्त किताबें नहीं आ सकी हैं। 15 लाख किताबों के मुकाबले महज ढाई लाख का ही वितरण हो सका है। शिक्षा सत्र के 137 दिन बीतने के बाद भी बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ाई कर रहे हैं। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त विद्यालय, समाज कल्याण से 56 विद्यालयों में 1.80 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन की तरफ से कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। शिक्षा सत्र का पांचवां माह बीतने को है, लेकिन अभी तक सभी किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच पाई हैं। आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो कक्षा एक में कलरव, कक्षा दो में गिनतारा, किसलय, कक्षा तीन में अंकों का जादू, संस्कृत, कक्षा चार में फुलवारी, कक्षा पांच में वाटिका की ही पाठ्पुस्तक आई है। जबकि कक्षा एक में एक किताब, कक्षा दो में दो, कक्षा तीन में पांच, कक्षा कक्षा चार तथा कक्षा पांच में छह-छह किताबें हैं। इसी तरह कक्षा सात में दीक्षा, इंगलिस रीडर, गणित की ही किताब आई है। जबकि छठवीं तथा आठवीं कक्षा तथा इंगलिश मीडियम की एक भी किताब नहीं आई है। कक्षा छह में 13 विषय, कक्षा सात तथा कक्षा आठ में 14-14 किताबे हैं। मझवारा: क्षेत्र के मझवारा, पवनी, इंदारा सहित विभिन्न इलाकों के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं। अभिभावक श्रीराम यादव, संजय कुमार, महेंद्र प्रसाद ने कहा कि अभी तक स्कूलों से आश्वासन ही मिल रहा है। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मुफ्त किताबों का वितरण विद्यालयों में कराया गया है। किताबों की खेप आ रही है। सत्यापन के बाद बीआरसी भेजा जाएगा। इस मामले मेें बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें