मऊ। जिले के कोविड अस्पताल एल-1 में तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग को भेजे गए पत्र की जानकारी होने पर डीएम-एसपी ने अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्होंने कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोप को निराधार पाया, जिस पर उन्होंने इसकी रिपोर्ट बनाकर संबंधित चिकित्सकों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध कारवाई को लेकर शासन को रिपोर्ट प्रेषित किया। अमर उजाला में बृहस्पतिवार के अंक में प्रकाशित खबर को जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया। इस दौरान डाक्टरों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारियों की तरफ से लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए डीएम कोविड अस्पताल एल-1 पहुंचे। उनके साथ सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह भी मौजूद थे। यहां डीएम ने पहले जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती छह कोरोना मरीजों की शिफ्टिंग की जानकारी लेन के साथ पहले से भर्ती तीन कोरोना मरीजों को मिल रही सुविधा तथा इलाज के बारे में जानकारी ली। इसके बाद अमर उजाला द्वारा उठाए गए मामला जिसमें कोविड अस्पताल में तैनात चिकित्सकों तथा कर्मचारियों ने प्रांतीय चिकित्सका संवर्ग लखनऊ पत्र को लिखकर अव्यवस्था का आरोप लगाया था। उन बिंदुओं का समीक्षा की,जिसमें कर्मचारियों द्वारा लगाए आरोप गलत पाए गए। इस पर डीएम ने नराजगी व्यक्त करते हुए कर्मचारियों के विरुद्ध कारवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजा। डीएम ने बताया कि कोविड अस्पाल के डाक्टरों और कर्मचरियों को भोजन बनाने के लिए दो कूक तैनात किए गए है। जो डाक्टर और कर्मचारियों के बताने के अनुसार उनके मनमुताबिक भोजन बनाते हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि अस्पताल पर 100 एन 95 मास्क की सप्लाई दी गई थी, जो अब नहीं है, जबकि अस्पताल में पहला मरीज मर्यादपुर की बच्ची बीते 17 मई को पॉजिटिव होकर अस्पताल में भर्ती कराई गई। उसके बाद अन्य मरीज आए। बोले सारे खेल की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। बताते चले कि कोविड अस्पताल एल-1 में तैनात चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बीअव्यवस्था का आरोप लगाते हुए प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग लखनऊ को पत्र लिखकर अव्यवस्था से अवगत कराया था। पत्र उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई थी, वहीं अमर उजाला द्वारा कर्मचारियों की इस समस्या को दोयम दर्जे का खाना और ऊपर से थाली भी धोना शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया।