फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

औद्योगिक आस्थान में सुविधाओं का अभाव

विज्ञापन
नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित औद्योगिक आस्थान में बिजली विभाग का उपकेंद्र।संवाद - फोटो : MAU
विज्ञापन
मऊ। नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित औद्योगिक आस्थान में सुविधाओं का अभाव है। साफ सफाई सही तरीके से न होने के चलते उद्यमियों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। लंबे समय से पांच यूनिटें बंद हैं। जबकि प्लाट के लिए नए युवा उद्यमी विभागीय अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। उधर, परदहां स्थित यूपी स्पीनिंग मिल्स के भूखंड पर औद्योगिक आस्थान बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। औद्योगिक आस्थान में 44 प्लाट हैं। लंबे समय से लगभग पांच प्लाटों पर यूनिटें बंद चल रही है। नए युवा उद्यमी प्लाटों के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। लेकिन प्लाट न मिलने के चलते वह यूनिट नहीं लगा पा रहे हैं। नियम के तहत दो वर्ष तक यूनिटें बंद होने की स्थिति में प्लाट निरस्त करने का प्रावधान है। उद्यमियों की तरफ से बंद चल रही परदहां स्थित यूपी स्टेट स्पीनिंग मिल्स के भूखंड पर औद्योगिक आस्थान बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है। गाजीपुर तिराहा स्थित औद्योगिक आस्थान में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से नाले का गंदा पानी जाम होने से यूनिटों में घुस जा रहा है। बरसात के दिन में तो नारकीय स्थिति हो जाती है।साफ सफाई सहित विभिन्न सुविधाओं का अभाव है। दुर्गंध उठते रहने से उद्यमियों तथा कर्मचरियों के लिए काम करना मुश्किल हो रहा है। औद्योगिक आस्थान परिसर में स्ट्रीट लाइट लगी है। कई खराब पड़ी है। अंधेरे का फायदा उठाकर अराजकतत्वों का जमघट लग जाता है। यूनिटों से प्रतिवर्ष टैक्स भी जा रहा है। बावजूद सुविधाएं बहाल नहीं हो सकी हैं। औद्योगिक आस्थान की जमीन सरकारी अभिलेखों में लगभग 15.5 एकड़ में फैली दिखाई गई है। अतिक्रमण के चलते लगभग 12.5 एकड़ में ही सिमट कर रह गया है। शिकायत पर राजस्व विभाग सहित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में कई बार नापी हो चुकी है। बावजूद मामला अधर में लटका है। उद्यमी बालकृष्ण थरड़ ने बताया कि औद्योगिक आस्थान में कम स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इनमें अधिकांश खराब है। जलनिकासी न होने से नाली जाम है। परदहां स्थित बंद चल रही यूपी स्टेट स्पीनिंग मिल्स के भूखंड पर औद्योगिक आस्थान बनाया जाए। ताकि युवा उद्यमी थी उद्यम लगा सकें। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल ने बताया कि औद्योगिक आस्थान में साफ सफाई नियमित न होने से कूड़ा लगा रहता है। नाला जाम रहता है। प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। नए इंडस्ट्रियल स्टेट विकसित कर युवा उद्यमियों को प्लाट दिया जाए। टैक्स के बावजूद सुविधाएं बहाल नहीं हो सकी हैं। जिला उद्योग केंद्र के सहायक उपायुक्त सगीर अहमद ने बताया कि औद्योगिक आस्थान परिसर में सभी बुनियादी सुविधाएं बहाल करने के लिए नगर पालिका प्रशासन को पत्र भेजा गया है। बंद पड़ी यूनिटों के मामले मेें नोटिस जारी कर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें