गांव के दबंगों द्वारा भूमि पर किए जबरन कब्जे को हटाने की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से कलेक्ट्रेट पर मां के साथ धरना दे रही युवती की सुधि प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं ली है।
इस प्रशासनिक उपेक्षा से आहत होकर युवती ने छह दिसंबर से अनिश्चित कालीन आमरण अनशन की चेतावनी दी है। घोसी कोतवाली क्षेत्र के करपिया मलिक गांव की रहने वाली रंभा यादव ने सिटी मजिस्ट्रेट को लिखे गए अपने प्रार्थनापत्र में कहा है कि दसकी भूमिधरी की दो आराजियों पर उसके गांव के दबंगों ने जबरन कब्जा कर लिया है।
कई बार के प्रार्थनापत्र देने पर भी जिम्मेदार प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। विवश होकर अपनी विधवा मां के साथ 18 नवंबर से धरने पर बैठी है।
लेकिन 13 दिनों में किसी भी प्रशसनिक अधिकारी ने उसकी सुधि नहीं ली है। उसने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की इस उपेक्षा से लाचार होकर वह छह दिसंबर से कलेक्ट्रेट पर आमरण अनशन करेगी और तब त आमरण अनशन समाप्त नहीं करेगी जब तक उसकी मांगेें पूरी नहीं हो जातीं।