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इंदारा-दोहरीघाट आमान परिवर्तन दो साल बाद भी नहीं

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अमिला। इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के आमान परिवर्तन की स्वीकृति मिलने के छह छह साल बाद भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र के विकास की रफ्तार तेज नहीं हो सकी है। क्षेत्र के लोगों ने रेल मंत्री को पत्र भेज कर प्रोजेक्ट को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने 20 अक्तूबर 2016 को इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के आमान परिवर्तन की घोषणा एवं शिलान्यास किया था। 35 किमी लंबे रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत होने के दो वर्ष बाद रेलखंड पर काम शुरू कर दिया गया। 2018 में ही कार्य पूरा किया जाना था। किंतु कार्य पूरा नहीं होने के चलते 2019 तक कार्य पूर्ण करने का रेलवे प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिया गया। किंतु सुस्त निर्माण कार्य एवं कुछ तकनीकी बदलाव के साथ ही कोविड कॉल एवं असमय बारिश से इसे 2022 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रेलवे ने रखा है। निर्माण कार्य धीमी गति होने के कारण अब तक केवल 60 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है। कस्बा के सुभाष चंद्र गुप्ता का कहना था कि रेल खंड पर निर्माण से पहले संचालित रेल बस से सैकडों लोग सस्ते किराए से प्रतिदिन दोहरीघाट से इंदारा तक आते-जाते थे। साथ ही लोगों को बलिया, बनारस तक व्यापार के बेहतर विकल्प मिलते थे। गुलाब चंद का कहना था कि गोठा मंडी तथा अमिला रेलवे स्टेशन पर लगने वाला साप्ताहिक बाजार एवं घोसी में बुनकरों का व्यापार रेल बस बंद होने से अत्यधिक प्रभावित हो रहा है। जल्द निर्माण कार्य पूरा होना चाहिए। संतोष कुमार, अशोक कुमार ने बताया कि रेलवे की तरफ से प्रोजेक्ट की समय सीमा बार-बार बढ़ाई जा रही है। प्रोजेक्ट को अब हर हाल में तयशुदा समय में पूरा कराया जाए।
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