मऊ। बरसात के बाद पिछले सप्ताह से जनपद में पड़ी रही उमस भरी भीषण गर्मी ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। ऊमसके साथ पड़ने वाली यह गर्मी कई बीमारी को जन्म दे रही है। लोग डायरिया ,एंफ्लुएंजा , बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होकर प्राइवेट अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। दिन में इस समय 38 से 40 डिग्रीसेंट तक पारा पहुंच जा रहा है। सुबह सूर्योदय के समय से ही तेज उमस लोगों के हौसले पस्त कर रही है। जिन लोगों को बाहर निकलना हो रहा, वो किसी न किसी बीमारी की चपेट में आ जा रहे हैं। अव्यस्था के शिकार सदर अस्पताल में इस समय 40 मरीज भर्ती है। जबकि इस समय प्रति दिन सिर्फ संक्रामक रोगियों की ओपीडी तीन से चार सौ के बीच है।
ह्युमिडिटी बढ़ने से सबसे ज्यादा मरीज उल्टी और दस्त के अस्पताल में पहुंच रहें हैं। सर्दी ,जुकाम, डायरिया, बुखार और टाइफायड की चपेट में आ कर लोग बिस्तर पर पड़ जा रहे हैं। छोटे बच्चे और शिशु भी डायरिया और एनीमिया से ग्रसित हो जा रहे हैं। जिले के नर्सिंग होमों में प्रतिदिन औसतन दो सौ से ढाई सौ मरीज गंभीर रूप से बीमार होने के चलते भर्ती कराए जा रहे हैं। सबसे अधिक मरीज इन दिनों फातिमा अस्पताल में भर्ती कराए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में न तो दवाइयां हैं और न ही समय पर डाक्टरों की उपलब्धता है। फिर भी यहां कार्यरत दो फीजिशियन चिकित्सक प्रति दिन साढ़े तीन सौ से चार सौ मरीजों की ओपीडी करते है। यहां मरीजों को भर्ती करने की बजाए टरकाने की प्रवृत्ति ज्यादा रहती है, फिर भी बारह मरीज प्रति दिन के औसत से यहां भी भर्ती होते हैं। इस समय इनडोर में केवल गर्मी से संबंधित बीमारियों से ग्रसित 43 मरीज भर्ती हैं। शुक्रवार को मौसम ठंडा रहने से मरीजों की संख्या यहां कम रही। अस्पताल में भारी अव्यवस्था के साथ गंदगी व्याप्त है। इसके कारण जो व्यक्ति जरा भी संपन्न है, वह सदर अस्पताल आने से परहेज करते हैं। कमोवेश यही दशा जिले के सभी सीएचसी और पीएचसीयों की है। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों की हालत तो और भी बुरी है।