फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदी में उफान आने से देवारा इलाके के लोगों की बढ़ी धड़कनें

विज्ञापन
विज्ञापन
दुबारी (मऊ)। घाघरा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने से मधुबन क्षेत्र के देवारा इलाके के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है। नदी का पानी तालाबों, नालों में गिरने लगा है। सैकड़ों एकड़ जलमग्न फसलों के नष्ट होने से पशुुुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। लेकिन किसानों की सुधि लेने की किसी ने जहमत तक नहीं उठाया।
विज्ञापन

कई दिनों से तेजी से नदी के जलस्तर में घटाव होने से नदी के घेरे में रहने वाले 20 गांवों के संपर्क मार्गो पर आवागमन बहाल हो गया था। लेकिन बुधवार से नदी के जलस्तर में बढोत्तरी होने से देवारा इलाके के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता की सताने लगी है। परसिया जयराम गिरी हाहा नाला का रेगुलेटर नदी का जलस्तर 65.60 मीटर रहा। नदी का खतरा निशान 66.31 मीटर रहा।
नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी तालाब, नालों में गिरने लगा है। नदी के उग्र तेवर से बिंदटोलिया गांव के लोगों की नींद उड़ गई है। ग्रामीणों की मानें तो नदी गांव से तीन किमी दूर थी। लेकिन कटान करते गांव के पास आ गई है। बिनटोलिया गांव के रामबली, सुुबाष, रामसरीख, रामाकांत, जितेंद्र, अमिताब, दिलीप आदि की मड़ई, नदी में समा गई है। कटान जारी रहने के बाद भी सिंचाई विभाग की तरफ से कटान समस्या का स्थाई समाधान ढूंढा नहीं जा सका है।
विज्ञापन

उधर मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के चक्की मूसाडोही, भगत का पुरा, विंदटोलिया, नई बस्ती, जरलहवा, बइरकंटा, विशुन का पुरा, पब्बर का पुरा, खैरा हरिलाल का पुरा, बिंदर का पुरा, बिशुन का पुरा, भगत का पुरा, धूस कापुरा, पब्बर का पुरा, चौहानपुर, बरोहा, कुंवरपुरवा,परसिया, गजियापुर मोलनापुर सहित विभिन्न गांवों में हजारों एकड़ फसल नष्ट होने से पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। लेकिन अभी तक शासन प्रशासन की तरफ से किसानों को एक पाई की सहायता नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें