मऊ। विशेष जज एससी/ एसटी एक्ट हरेंद्र प्रसाद ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति को गाली, धमकी, नुकसान पहुंचाने और बलवा करने के मामले में नामजद दंपती सहित एक ही परिवार के पांच लोगों को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। सभी पर 6-6 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं जुर्माने की 70 प्रतिशत धनराशि वादिनी को देना होगा। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। लकुरा गांव निवासिनी सुनैना की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही रामबाबू, पप्पू उर्फ घनश्याम और राधेश्याम राजभर, राम प्रताप राजभर और रीता पत्नी राम प्रताप को नामजद किया। आरोप था कि 11 जुलाई 2016 को सभीने उसकी दीवार गिरा दी। लाठी डंडा से लैस होकर ईं उठा ले गए। इस दौरान उसे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली दी विरोध करने पर धमकी दी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर चार्जशीट पेश किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने 6 गवाहों को पेशकर किया। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। विशेष जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने रामबाबू, पप्पू उर्फ घनश्याम, राधेश्याम राजभर, राम प्रताप राजभर और रीता को बलवा, गाली,धमकी और नुकसान पहुंचाने तथा एससी/ एसटी एक्ट मामले में दोषी पाया।