मऊ। शिक्षा सत्र शुरू हुए चार माह बीत गया लेकिन राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को भरा नहीं जा सका है। जिले के
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 160 के मुकाबले 69 शिक्षक ही तैनात हैं। इसके चलते अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है।
विभागीय अधिकारी शिक्षक अभिभावक संघ की तरफ से शिक्षक नियुक्त कर पठन पाठन होना बताकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जिले में 17 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 3100 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालयों मेें शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार हर माह मासिक टेस्ट कराया जाता है। हर माह कोर्स बेहतर तरीके से तैयार न होने से अभिभावकों के साथ-साथ विद्यार्थियों को पठन पाठन को लेकर चिंता सताने लगी है।
शिक्षा सत्र का चार माह बीत गया, लेकिन विद्यालयों मेें रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को भरा नहीं जा सका है। हालत यह है कि शिक्षकों के 160 पद सृजित हैं, लेकिन 69 शिक्षकाें की तैनाती है। अराजकीय बालिका इंटर कॉलेज इमिलिया में 25 शिक्षकों के सापेक्ष नौ शिक्षकों की तैनाती है। राजकीय बालिका इंटर काॅलेज बड़रांव में 17 के सापेक्ष आठ शिक्षक ही कार्यरत हैं। यही हाल अन्य विद्यालयों का है। अभिभावकों की मानें तो विद्यालयों में रिक्त चल रहे शिक्षकों की जगह वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में आयोग की तरफ से सहायक अध्यापकों और प्रवक्ता की नियुक्ति की जाती है। शासन स्तर से प्रक्रिया चल रही है। शिक्षक अभिभावक संघ के सहयोग से विद्यालयों मेें गुणवत्तापरक शिक्षा देने का प्रयास जारी है।