जिले में सड़क दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन सड़क हादसों से लोग असमय अपनी जान गवां रहे हैं। वहीं सैकड़ों लोग घायल हो जा रहे हैं। इनमें कुछ को मामूली चोट के चलते इलाज कराना पड़ रहा है वहीं कई लोग जिंदगीभर अपंगता का दंश झेल रहे हैं। आंकड़ों की नजर में हर माह लगभग दस मौत होती है जब कि घायलों की कोई गिनती नहीं है।
वर्ष 2015 में जहां 225 सड़क हादसे हुए वहीं इनमें 126 की मौत हो गई। जब कि वर्ष 2016 में अब तक 60 सड़क हादसे हुए हैं इनमें 35 लोगों की जान जा चुकी है। सड़क हादसों में आए दिन हो रही मौत के पीछे कहीं तेज रफ्तार तो कहीं युवाओं द्वारा अनियंत्रित ढंग से ड्राइविंग करना है। कई मामले में बाइक दुर्घटनाओं में किशोर हादसे के शिकार हुए हैं। नशे में होने के चलते भी मार्ग दुर्घटना का कारण लोगों की जान गई है वहीं रात में बड़े वाहन की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई।