रतनपुरा (मऊ)। हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव में घटी घटना आपसी तालमेल और सामज्स्य की कमी की परिणिती है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पत्नी की हत्या का आरोपी हरिद्वार सिंह पढ़ाई में काफी होनहार था। बीकाम के बाद एमबीए कर वह किसी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर रहा था। इस दौरान हरिद्वार परिवार को अपने साथ दिल्ली में रखा था। नौकरी में बेहतर कार्य करने का परिणाम था कि कंपनी ने उसे आठ माह के लिए अमेरिका भेज दी थी।यही नहीं हरिद्वार की पत्नी भी पढ़ने लिखने में अच्छी थी। उसने इतिहास से एमए किया था। हरिद्वार के पिता सेना से सेवानिवृत्त थे, इसके बाद वो कोल्ड फिल्ड में नौकरी किए थे।
हरिद्वार के पिता कोल्ड फिल्ड से कुछ दिन पहले ही सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद वो मुस्तफाबाद स्थित अपने घर आकर रहने लगे थे। लॉक डाउन से पूर्व होली में हरिद्वार परिवार के साथ घर आया था। इस दौरान लॉक डाउन लगने पर वह पत्नी और बच्चों के साथ मुस्तफाबाद में रह रहा था। गांव वालों के अनुसार पति-पत्नी के बीच हमेशा तकरार होती रहती थी। वैसी ही तकरार बृहस्पतिवार को भी हुई हरिद्वार सिंह ने फोन कर अपने साले राजेश कुमार को बुलाया राजेश सिंह ने बताया कि मैं जैसे ही शुक्रवार को सुबह मुस्तफाबाद पहुंचा मेरे आने के पांच मिनट बाद ही हत्या की घटना घट गई।
मृतका के भाई राजेश सिंह ने बताया कि मैं अपनी बहन से बात भी नहीं कर पाया था। राजेश के अनुसार हर तरह से उसका परिवार संपन्न था। लेकिन उसका बहनोई उसकी बहन से आखिर क्यों तलाक मांग रहा था, यह बात उनके समझ में नहीं आई। लेकिन यह भी सही है उनकी बहन भी तेज बोलने वाली थी, बहन और बहनोई किसी बात को लेकर आपस में सामंजस्य नहीं स्थापित कर पाते थे। इसका परिणाम है कि एक झटके में हरिद्वार का बसा बसाया घर उजड़ गया। दोनों बच्चे अनाथ हो गए। बताते चले हरिद्वार अपने माता पिता की इकलौती संतान है, उसके अलावा उसकी तीन बहनें हैं।