जनता पीजी कालेज रानीपुर में छात्रसंघ चुनाव में मतदान के बाद विजय जुलूस निकालते प्रत्याशी।
स्थित जनता पीजी कॉलेज में गुरुवार को छात्रसंघ चुनाव कड़ी सुरक्षा के बीच सकुशल संपन्न हुआ। इस दौरान 553 वोटरों में से 362 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना के दौरान दस वोट अवैध घोषित किए गए। रोशन सिंह अध्यक्ष और शिवाजी सिंह महामंत्री घोषित किए गए। इसमें अध्यक्ष पद के चार, उपाध्यक्ष पद के तीन तथा महामंत्री पद के तीन वोट रद्द किए गए। देर शाम मतगणना के बाद विजई प्रत्याशियों की घोषणा की गई। साथ ही तुरंत ही उन्हें शपथ दिलाई गई। मतदान के दौरान कड़ी सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए थे।
जनता पीजी कालेज में गुुरुवार को संपन्न हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए कुल 362 वोट डाले गए। लेकिन मतगणना के दौरान चार वोट रद्द किए गए। इस तरह से 358 की गणना के बाद चुनाव मैदान में अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों में रोशन सिंह सर्वाधिक 154 मत पाकर विजयी घोषित किए गए। दूसरे स्थान पर नंदलाल यादव रहे, इन्हें 139 वोट मिला। इस तरह से रोशन मात्र 15 वोट से विजई घोषित किए गए। इसीक्रम में अंगद यादव को मात्र 65 वोट मिल सका। उपाध्यक्ष पद पर तीन वोट अवैध घोषित किए जाने के बाद 359 वोट की गणना की गई।
इस दौरान मैदान में उतरे दो प्रत्याशियों में से रमेश जायसवाल को 262 वोट मिला। जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी रमायन यादव को मात्र 97 वोट पाकर संतोष करना पड़ा। रमेश जायसवाल 165 वोट से विजई हुए। इसीक्रम में महामंत्री पद के लिए भी तीन वोट रद्द होने पर 359 वोट की गणना की गई।
इस दौरान शिवाजी सिंह को 246 वोट तथा दूसरे प्रत्याशी अशोक यादव को मात्र 113 वोट ही मिले। शिवाजी सिंह 133 वोट से विजई घोषित किए गए। संयुक्त मंत्री और कला संकाय पर एक-एक प्रत्याशी थे। इसके चलते चुनाव परिणाम आने पर दोनों को निर्विरोध विजई घोषित किया गया। इसमें आलोक चौहान संयुक्त मंत्री तथा अजीत सिंह कला संकाय प्रतिनिधि घोषित किए गए। घोषणा के बाद चुनाव अधिकारी डा. सुधीर कुमार सिंह ने विजई प्रत्याशियों को शपथ दिलाई। साथ ही शांतिपूर्वक सकुशल चुनाव संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ छात्रों के सहयोग करने पर सभी का आभार जताया।
बताते चले गुरुवार की सुबह पूर्वाह्न नौ बजे से एक बजे तक वोट डाला गया। इसके उपरांत दो बजे से मतगणना कराई गई। अपराह्न तीन बजे के करीब चुुनाव परिणाम घोषित किया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा की दृष्टि से रानीपुर के अलावा चिरैयाकोट थाने की पुलिस, पीएसी के जवानों के साथ महिला आरक्षी लगाई गई थीं।